सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य अपने इस दावे के संबंध में नए आवेदन दायर कर सकते हैं कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जीत का अंतर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हटाए गए वोटों (deletion of votes) से कम था.
भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले में सुनवाई की.
वरिष्ठ वकील और TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 सीटों पर जीत का अंतर हटाए गए वोटों की संख्या से कम था. उन्होंने कहा कि कई मामलों में, हटाए गए वोट और हार का अंतर लगभग एक जैसा था. चुनाव आयोग ने टीएमसी सांसद की दलीलों का विरोध किया. चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि इसका उपाय चुनाव याचिका है.




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