पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक 2026 (Neet Paper Leak 2026) के विरोध में जंतर-मंतर पर GEN-Z के विरोध-प्रदर्शन और अपने इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने शनिवार को कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान जेन-जी (GEN-Z) को गुमराह करने का प्रयास किया गया. इसी वजह से उनको पद छोड़ना पड़ा. बता दें, प्रधान ने ठीक दो हफ्ते पहले इस्तीफा दे दिया था.
प्रधान ने आगे कहा कि Gen-Z हमारे बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की. तब मुझे कोई पर्सनल दिक्कत नहीं थी. भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं. पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए. उनकी ख्वाहिशें हैं, और वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे. यह पद मेरे लिए जरूरी नहीं था. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.




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