ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स में पश्चिम एशिया अनुसंधान प्रभाग (वेस्ट एशिया रिसर्च डिवीजन) की प्रमुख अलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने कहा है कि भारत महंगाई (मुद्रास्फीति) के झटकों से बच नहीं सकता और इसका असर अब साफ दिखने लगा है. उन्होंने आगे संकेत दिया कि इस साल के अंत तक महंगाई का स्तर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमानों से भी अधिक होने की संभावना है.
उन्होंने समझाया, "हालांकि तेल की कीमतें जैसे कारक सीधे तौर पर दिखाई देते हैं, लेकिन उनका अप्रत्यक्ष प्रभाव कहीं अधिक बड़ा होता है. व्यावसायिक उपभोक्ता पहले से ही ईंधन की ऊंची कीमतों और आपूर्ति से जुड़े दबावों के असर से जूझ रहे हैं."




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