भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि अदालतें नतीजों से नहीं, बल्कि प्रक्रिया की निष्पक्षता से वैधता हासिल करती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग हारते हैं, उन्हें भी यह मानकर चलना चाहिए कि सिस्टम ने उनके साथ सही बर्ताव किया है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता का 'भरोसा' ही न्यायपालिका की असली ताकत (करेंसी) है और न्याय न सिर्फ होना चाहिए बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए. सीजेआई यहां राष्ट्रीय राजधानी में राम जेठमलानी मेमोरियल लेक्चर सीरीज में बोल रहे थे. इवेंट का थीम था 'जस्टिस सीन टू बी डन, ट्रांसपेरेंसी एंड पब्लिक ट्रस्ट एज पिलर्स ऑफ द लीगल सिस्टम'.
सीजेआई ने कहा, 'जीतने से कोर्ट को उसकी लेजिटिमेसी नहीं मिलती, बल्कि प्रोसेस की फेयरनेस से मिलती है. केस हारने से अपने आप में कोर्ट का जनता का भरोसा कम नहीं होता, जबकि गलत काम करते हुए देखा जाना, निश्चित रूप से होता है.'




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