गुजरात के राजकोट शहर से 130 किलोमीटर उपलेटा तहसील में आए हुए प्रांसला गावं में तारीख 28 दिसंबर से 5 जनवरी तक राष्ट्रिय धर्म के प्रशिक्षण के लिए वैदिक मिशन ट्रस्ट के स्वामी धर्मबंधु द्वारा 22वी राष्ट्र्कथा शिविर का आयोजन किया गया है. गौरतलब है की देश के 22 राज्यों के करीबन 12 हजार से ज्यादा राष्ट्रप्रेमी युवक- युवतियां यहाँ एकत्र होंगे. सुबह 5 बजे से रात्रि के 10 बजे तक भिन्न भिन्न विभागों में प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलेंगे.  

बता दें की शिविर में प्रातः 4 बजे उत्थान, 5 बजे देशभक्ति गान के साथ दिनचर्या का प्रारम्भ होगा. उसके बाद योगा, सैनिक शिक्षा, जूडो, कराटे, मार्शल आर्ट, सेल्फ डिफेंस, गणमान्य व्यक्तिओं के प्रवचन, एक्सपर्ट के जरिए कानून का प्रशिक्षण, अर्थशास्त्र, सुरक्षा के तालीम वर्ग, विशेषज्ञों के साथ वार्तालाप, प्रश्नोत्तरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. शिविरार्थियों के रहने के लिए बड़ी मात्रा में टेंट खड़े किए गये है.    

महत्वपूर्ण है की इस शिविर में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह, तमिलनाडु के राज्यपाल बी.एल. पुरोहित, मेघालय के गवर्नर तथागत रोय मुख्य अतिथि होंगे. शिविर स्थल पर सभी सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया है.

शिविरार्थियों को जवानों द्वारा प्रतिदिन शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसरो और मौसम विभाग के उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. गांधीनगर की NDRF की टीम भी प्रशिक्षण देगी.   

भारतीय सेना के जवान आधुनिक हथियारों के साथ घुड़सवारी का प्रशिक्षण देंगे. विभिन्न राज्यों के छात्र अपनी मूल भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे.  

इस शिविर में पी.सी. घोष, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद, न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी, न्यायमूर्ति क्रिश्ना दिक्षीत, निति आयोग के CEO अमिताभ कान्त, डॉ. प्रदीप जोशी समेत करीबन 31 महानुभाव उपस्थित रहेंगे.

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Added on : 2019-12-28 16:25:32

गुजरात के राजकोट शहर से 130 किलोमीटर उपलेटा तहसील में आए हुए प्रांसला गावं में तारीख 28 दिसंबर से 5 जनवरी तक राष्ट्रिय धर्म के प्रशिक्षण के लिए वैदिक मिशन ट्रस्ट के स्वामी धर्मबंधु द्वारा 22वी राष्ट्र्कथा शिविर का आयोजन किया गया है. गौरतलब है की देश के 22 राज्यों के करीबन 12 हजार से ज्यादा राष्ट्रप्रेमी युवक- युवतियां यहाँ एकत्र होंगे. सुबह 5 बजे से रात्रि के 10 बजे तक भिन्न भिन्न विभागों में प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलेंगे.  

बता दें की शिविर में प्रातः 4 बजे उत्थान, 5 बजे देशभक्ति गान के साथ दिनचर्या का प्रारम्भ होगा. उसके बाद योगा, सैनिक शिक्षा, जूडो, कराटे, मार्शल आर्ट, सेल्फ डिफेंस, गणमान्य व्यक्तिओं के प्रवचन, एक्सपर्ट के जरिए कानून का प्रशिक्षण, अर्थशास्त्र, सुरक्षा के तालीम वर्ग, विशेषज्ञों के साथ वार्तालाप, प्रश्नोत्तरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. शिविरार्थियों के रहने के लिए बड़ी मात्रा में टेंट खड़े किए गये है.    

महत्वपूर्ण है की इस शिविर में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह, तमिलनाडु के राज्यपाल बी.एल. पुरोहित, मेघालय के गवर्नर तथागत रोय मुख्य अतिथि होंगे. शिविर स्थल पर सभी सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया है.

शिविरार्थियों को जवानों द्वारा प्रतिदिन शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसरो और मौसम विभाग के उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. गांधीनगर की NDRF की टीम भी प्रशिक्षण देगी.   

भारतीय सेना के जवान आधुनिक हथियारों के साथ घुड़सवारी का प्रशिक्षण देंगे. विभिन्न राज्यों के छात्र अपनी मूल भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे.  

इस शिविर में पी.सी. घोष, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद, न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी, न्यायमूर्ति क्रिश्ना दिक्षीत, निति आयोग के CEO अमिताभ कान्त, डॉ. प्रदीप जोशी समेत करीबन 31 महानुभाव उपस्थित रहेंगे.

गुजरात के राजकोट शहर से 130 किलोमीटर उपलेटा तहसील में आए हुए प्रांसला गावं में तारीख 28 दिसंबर से 5 जनवरी तक राष्ट्रिय धर्म के प्रशिक्षण के लिए वैदिक मिशन ट्रस्ट के स्वामी धर्मबंधु द्वारा 22वी राष्ट्र्कथा शिविर का आयोजन किया गया है. गौरतलब है की देश के 22 राज्यों के करीबन 12 हजार से ज्यादा राष्ट्रप्रेमी युवक- युवतियां यहाँ एकत्र होंगे. सुबह 5 बजे से रात्रि के 10 बजे तक भिन्न भिन्न विभागों में प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलेंगे.  

बता दें की शिविर में प्रातः 4 बजे उत्थान, 5 बजे देशभक्ति गान के साथ दिनचर्या का प्रारम्भ होगा. उसके बाद योगा, सैनिक शिक्षा, जूडो, कराटे, मार्शल आर्ट, सेल्फ डिफेंस, गणमान्य व्यक्तिओं के प्रवचन, एक्सपर्ट के जरिए कानून का प्रशिक्षण, अर्थशास्त्र, सुरक्षा के तालीम वर्ग, विशेषज्ञों के साथ वार्तालाप, प्रश्नोत्तरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. शिविरार्थियों के रहने के लिए बड़ी मात्रा में टेंट खड़े किए गये है.    

महत्वपूर्ण है की इस शिविर में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह, तमिलनाडु के राज्यपाल बी.एल. पुरोहित, मेघालय के गवर्नर तथागत रोय मुख्य अतिथि होंगे. शिविर स्थल पर सभी सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया है.

शिविरार्थियों को जवानों द्वारा प्रतिदिन शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसरो और मौसम विभाग के उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. गांधीनगर की NDRF की टीम भी प्रशिक्षण देगी.   

भारतीय सेना के जवान आधुनिक हथियारों के साथ घुड़सवारी का प्रशिक्षण देंगे. विभिन्न राज्यों के छात्र अपनी मूल भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे.  

इस शिविर में पी.सी. घोष, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद, न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी, न्यायमूर्ति क्रिश्ना दिक्षीत, निति आयोग के CEO अमिताभ कान्त, डॉ. प्रदीप जोशी समेत करीबन 31 महानुभाव उपस्थित रहेंगे.

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